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    तमिलनाडु चुनाव:क्या सत्ता बचाने में कामयाब होगी Dmk? वापसी के लिए बेकरार Aiadmk; Tvk के चुनावी पदार्पण पर नजर – Tamil Nadu Assembly Election 2026: Power Test For Dmk, Revival Push For Aiadmk, Debut Challenge For Tvk


    कई महीनों के धुआंधार प्रचार के बाद तमिलनाडु गुरुवार को अहम चुनावी लड़ाई देखने के लिए तैयार है। राज्य में बहुकोणीय मुकाबले की संभावना है, क्योंकि पारंपिक द्रविड़ दलों को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के  बढ़े प्रभाव से चुनौती मिल रही है। पारंपरिक दलों के लिए क्षेत्र पर उनकी पुरानी पकड़ की परीक्षा है। 

    प्रचार खत्म हो गया है। रैलियां समाप्त हो गई हैं और शांति छाई है। लेकिन तनाव बिल्कुल भी कम नहीं है। आज यानी 23 अप्रैल को 5.67 करोड़ से ज्यादा मतदाता 234 सीटों का फैसला करेंगे। अंतिम नतीजे चार मई को आएंगे। राज्यभर में मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। 

    इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि क्या डीएमके का ‘उगता सूरजा’ अपना शासन बरकरार रखेगा या एआईएडीएमके का ‘दो पत्ते’ अपनी पकड़ को फिर से मजबूत करेगा या टीवीके की एंट्री राजनीतिक संतुलन को बदलेगी। 

     

    मतदान की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। अनुमान है कि इस बार मतदाताओं की संख्या सामान्य से अधिक होगी। चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए एक लाख 20 हजार पुलिस कर्मियों और तीन लाख 40 हजार सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया है।  

    तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य में कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 2,93,04,905 महिला मतदाता, 2,80,30,658 पुरुष मतदाता और 7,728 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। 

    पटनायक ने बताया कि चुनाव आयोग पहली बार वोट देने वाले 14,59,039 मतदाताओं के लिए भी व्यवस्था कर रहा है। इनमें 68,501 सेवा मतदाता भी शामिल हैं। 4,18,541 डाक मत पहले ही प्राप्त हो चुके हैं।

    इसके अलावा, 62 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मतदान के बाद प्रक्रिया सुचारू रहे। कई जिलों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। करूर जैसे जिलों में संवेदनशील और कमजोर मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसमें स्थानीय पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र बल और फ्लाइंग स्क्वॉड शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि ने ‘द्रविड़ मॉडल’ शासन और कल्याण योजनाओं के आधार पर चुनाव प्रचार किया। उन्हें कांग्रेस और वीसीके जैसे पुराने सहयोगियों का समर्थन है। वहीं, एआईएडीएमके का नेतृत्व ईके पलानीस्वामी कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन कर अधिक एकजुट विपक्ष पेश किया है। अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी नई पार्टी टीवीके का पदार्पण इस पारंपरिक मुकाबले को बदल सकता है। टीवीके ने हर सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

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    मुख्यमंत्री स्टालिन ने धुआंधार प्रचार किया। उन्होंने इसे दिल्ली और तमिलनाडु के बीच चुनाव बताया। उन्होंने द्रविड़ मॉडल 2.0 के नाम पर वोट देने की अपील की। यह राज्य के अधिकार बनाम केंद्र की शक्ति के पुराने द्रविड़ मुद्दे से जुड़ा है, जो चेन्नई के शहरी मतदाताओं पर ज्यादा असर डालता है 

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एआईएडीएमके को भाजपा की ‘कठपुतली’ बताया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश है। उन्होंने डीएमके के घोषणा पत्र को ‘सुपरस्टार’ बताया। घोषणा पत्र में कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। महिलाओं, परिवारों, युवाओं और किसानों पर फोकस किया गया है।



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